Sthavir Dhurvo~ Vishnu Sahasranamam Hindi And English Meaning
52~स्थाविर ध्रुवो अप्रमेयो हृषीकेशः पद्मनाभोऽमरप्रभुः। विश्वकर्मा मनुस्त्वष्टा स्थविष्ठः स्थविरो ध्रुवः ॥ विचारों और कल्पनाओं की यह दुनिया क्षणिक है।वे आते हैं और चले जाते हैं पर क्या ऐसा भी कुछ है जो स्थायी है,जो अचल है, स्थिर है और पूर्ण है? वह महान ईश्वर आप ही हैं क्योंकि इस समस्त अस्तित्व में आपके अतिरिक्त कुछ है ही नहीं।शरीर और सांसों का यह साथ भी एक दिन समाप्त हो जाता है,लेकिन जो सबके समाप्त हो जाने के बाद भी शेष रहता है,जो कभी नष्ट नहीं होता,वही स्थाविर है। इस निरंतर बदलती हुई दुनिया में एकमात्र स्थिरता आपसे ही है।इस स्पंदनशील अस्तित्व में एकमात्र अचल उपस्थिति आपकी ही है। जो बदलता नहीं,जो मिटता नहीं,जो समय के साथ क्षीण नहीं होता~वही स्थाविर है।उस शाश्वत,स्थिर और पूर्ण उपस्थिति को प्रणाम। The world of thoughts and imagination is momentary.They arise and disappear.But is there something that is eternal,still, unmoving, and complete? That Great Divine Presence is You.For in this entire existence,there is nothing apart from You. The companionship of this body and breath will on...